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गले के कैंसर के मुख्य कारण, लक्षण और इलाज (Causes and Symptoms of Throat Cancer in Hindi)

“धूम्रपान से कर्क रोग हो सकता है” यह चेतावनी आपने पहले कई बार देखी और सुनी होगी, लेकिन इसे देखने के बावजूद हमारे देश में करोड़ो लोग इसे अनदेखा कर देते है। जिसका नतीजा उन्हें कैंसर जैसी घातक बीमारियों से भूगतना पढ़ता है। 


Causes and Symptoms of Throat Cancer



एक समय था जब कैंसर को एक असाधारण बीमारी माना जाता था, लेकिन आज के इस आधुनिक युग में यह बीमारी बहुत तेजी से फैल रही है। कैंसर के रोगियों में भी सबसे ज्यादा मरीज Throat cancer के ही देखने को मिल रहे है। गले का कैंसर सबसे घातक बीमारियों में से एक माना जाता है। 

क्या होता है गले का कैंसर (Throat Cancer):

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर के किसी हिस्से की कोशिकाएं असामान्य रुप से बढ़ने लगती है। जब यह बीमारी गले के किसी हिस्से जैसे स्वर पेटी, वोकल कॉर्ड या टॉन्सिल्स जैसे हिस्सों में होती है तो उसे Throat cancer कहा जाता है। 
एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर साल एक करोड़ से ज्यादा Throat cancer के मरीज देखने को मिल रहे है। और इस आकड़े में एक बड़ी संख्या 25-30 वर्ष के युवाओं की भी है। आज की युवा पीढ़ी कैंसर जैसे घातक रोग से पूरी तरह परीचित होते हुए भी नशे की लत में पड़कर अपना जीवन खराब कर रही है। 

गले का कैंसर होने के कारण

Throat cancer होने के कई कारण आजकल सामने आ रहे है। युवाओं में नशे की बढ़ती लत इसका सबसे बड़ा कारण है। धूम्रपान के अलावा तम्बाकू, पान मसाला और अधिक मात्रा में शराब का सेवन करने वाले सबसे तेजी से इसका शिकार हो रहे है। अगर आप ऐसे किसी नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करते तो यह मत सोचिए कि आपको कभी Throat Cancer नहीं हो सकता। महानगरों में बढ़ते प्रदुषण और खराब खान-पान के कारण भी आजकल बड़ी मात्रा में कैंसर के मरीज अस्पताल पहुंच रहे है। 

गले के कैंसर के लक्षण  (Symptoms of throat cancer)

कैंसर बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाना काफी मुश्किल होता है और अक्सर लोग इसे छोटी-मोटी समस्या समझकर नज़रअंदाज कर देते है। और जब उन्हें  इस बीमारी का पता चलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। आज हम आपको Symptoms of throat cancer के बारे में बताएंगे, जिसे जानने के बाद आप Throat cancer का शुरुआती चरण में पता लगाकर इसका सही इलाज करा सकते है:

आवाज का बदलना-

आवाज का बदलना Throat cancer का सबसे पहला और मुख्य लक्षण माना जाता है। अगर आपको लगता है कि आपकी आवाज बदलने लगी है या इसमें भारीपन आ रहा है, तो इसे बिल्कुल नज़रअंदाज ना करें। 
खून वाली खांसी आना- अक्सर गले का कैंसर होने पर खांसी के दौरान खून की छींटे आने लगती है। अगर आपको भी खांसी के दौरान खून आने जैसी समस्या हो तो तुरंत ही किसी डॉक्टर से संपर्क करें।

खाना खाने में तकलीफ-

गला खराब होने के कारण कई बार खाना खाने और उसे निगलने में तकलीफ होना आम बात है और हम अक्सर ऐसी समस्या पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। लेकिन अगर आपको यह तकलीफ एक हफ्ते या उससे ज्यादा समय से है तो यह Symptoms of throat cancer हो सकता है। 

थका-थका महसूस होना-

कैंसर के मरीजों को दिन भर थकावट महसूस होती रहती है। थकान होने के कारण उनका काम में मन नहीं लगता। इतना ही नहीं उन्हें रात में नींद ना आना और शरीर में जकड़न जैसी समस्याएं भी रहती है। 
मुंह में छाले या पैचेस बनना- मुंह में छाले या पैचेस बनना Throat cancer का सबसे मुख्य कारणों में से एक माना जाता है। इसमें छाले आपकी जीभ से शुरु होकर गले तक के हिस्से को घेर लेते है। इसके अलावा मुंह में चारों ओर लाल, सफेद रंग के पैचेस बनने भी शुरु हो जाते है। 

दांतो और कानों में दर्द-

आप जानते ही होगे कि हमारे कान, नाक और गला एक ही नली से जुड़े होते है। गले के कैंसर के मरीजों को गले के अलावा दांतो और कानों में दर्द की शिकायत भी रहती है। अगर आपको भी अपने दांतों या कानों में दर्द महसूस तो तुरंत ही अच्छे अस्पताल में इसका इलाज कराएं। 

मुंह से बदबू आना-

गले के कैंसर के दौरान आपके गले का अंदरूनी हिस्सा अंदर ही अंदर गलने और सड़ने लगता है, जिस कारण मुंह से बांस आना जैसी समस्या पैदा हो जाती है। अगर आपको भी अपने मुंह से लगातार दुर्गंध आती है तो यह जानलेवा बीमारी का रुप ले सकती है। 

गले के कैंसर के इलाज

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो कभी भी शरीर में से पूरी तरह से खत्म नहीं की जा सकती। हालांकि अगर शुरुआती चरण में इसका पता चल जाए तो काफी हद तक इसे बढ़ने से रोका जा सकता है। अगर कैंसर अभी पहली स्टेज में ही है तो इस पर दवाओं के द्वारा काबू पाया जा सकता है। 

अगर कैंसर दूसरी या तीसरी स्टेज में पहुंच गया है तो सर्जरी के द्वारा उस हिस्से का ट्यूमर निकाल दिया जाता है। लेकिन ट्यूमर निकालने के बाद भी उसके कुछ अंश शरीर में ही रह जाते है, जिस कारण भविष्य में आपको दोबारा Throat cancer होने का खतरा लगातार बरकरार रहता है।

आजकल Throat cancer के प्रति लोग ज्यादा गंभीर नज़र नहीं आते और इसे नज़रअंदाज कर देते है, जिस कारण यह धीरे-धीरे विकराल रुप ले लेता है। अगर गले में कैंसर जरुरत से अधिक फैल गया है तो इसका एकमात्र इलाज कीमोथेरेपी ही है। इस थैरेपी के दौरान आपके गले के कैंसर वाले हिस्से में असामान्य रुप से बढ़ रही कोशिकारों को रोका जा सकता है, लेकिन ध्यान रहें कि इसे पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता।

गले के कैंसर से कैसे बचें:

शराब पीना, धूम्रपान करना और तम्बाकू इत्यादि का सेवन करना Throat cancer का मुख्य कारण माना गया है। समय-समय पर सरकार और कई समाजसेवी भी इसके प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए तरह तरहे के कैंपन चलाते रहते है। इसके बावजूद लोग नशे के दलदल में फंसकर अपना जीवन खराब कर लेते है। अगर आप भी लंबे समय तक स्वस्थ्य और अपने परिवार के साथ अधिक वक्त बीताना चाहते है तो आज से ही धूम्रपान इत्यादि सभी प्रकार के नशीले पदार्थों को छोड़कर एक बेहतर नागरिक बनने का संकल्प लें।

गर्भनिरोधक का सबसे सुरक्षित तरीका है कॉपर टी (Copper T in Hindi & Price), जानिएं कैसे करता है ये काम

भारत दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है और अगले कुछ वर्षों में यह देश चीन को को पछाड़कर इस क्रम में पहले स्थान पर आ जाएगा। बढ़ती जनसंख्या की इस समस्या पर काबू पाने के लिए आज बाज़ार में कई तरह के गर्भनिरोधक उपरकरण मौजूद है। कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों के बारे में तो लगभग सभी जानते है।



गर्भनिरोधक गोलियों के अधिक इस्तेमाल से शरीर में कई तरह के साइड इफेक्ट्स हो जाते है, तो वहीं कंडोम का इस्तेमाल करने पर लोग आनन्द में कमी की शिकायत करते है। इन सभी परेशानियों से बचने के लिए कॉपर-टी सबसे सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। Copper T in Hindi के बारे में आज भी अधिकतर लोग काफी अनजान है।
क्या होता है कॉपर टी

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कॉपर टी एक आयूसीडी उपकरण होता है, जिसका इस्तेमाल गर्भ रोकने के लिए किया जाता है। यह कॉपर और प्लास्टिक का बना होता है और दिखने में कुछ-कुछ T के आकार जैसा होता है, इसलिए इसे आसान शब्दों में कॉपर टी कहा जाता है।  Copper T in Hindi का इस्तेमाल अधिकतर वह दंपत्ति या महिलाएं करती है जो एक बार मां बनने का सुख ले चुकी है और आने वाले कुछ सालों तक दोबारा मां नहीं बनना चाहती। 

कॉपर टी कैसे करता है काम(How to use Copper T)

कॉपर टी एक पतले पाइप की मदद से महिलाओं के गर्भाशय में लगाया जाता है। गर्भाशय में लगाने के बाद यह वहां पर अच्छी तरह फिट हो जाता है। Copper T in Hindi कॉपर का बना होने के कारण इसमें से एक अलग प्रकार का हॉर्मोन निकलता है, जो पुरुष के शुक्राणुओं को अंडाशय से मिलने से पहले ही उसे नष्ट कर देता है। शुक्राणु और अंडाशय का मिलना ना होने के कारण महिला गर्भ धारण नहीं कर पाती।

कितना खर्च आता है इसे लगाने में(Copper T Prices)

भारत देश में कॉपर टी का चलन आज भी बहुत कम है, ऐसा इसलिए क्योंकि लोगों को इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं है और इसके फायदे से भी अनजान है। गर्भ रोकने के लिए Copper T in Hindi सबसे सस्ता उपकरण माना जाता है। इसकी कीमत 300-500 रुपए के बीच होती है, जो इसकी गुणवत्ता पर निर्भर करती है। एक बार यह लगाने के बाद आप 5- 10 साल तक के लिए अपना गर्भ रोक सकती है।

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कॉपर टी के प्रति उठने वाले कुछ आम प्रश्न

अक्सर कॉपर टी के इस्तेमाल से पहले महिलाओं के मन में कई प्रकार के सवाल उठते है, जो बेहद ही स्वाभाविक है। आमतौर पर उठने वाले कुछ सवाल और उनके जवाब हम आपको बता रहे है:

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गर्भ रोकने में यह कितना मददगार है?

Copper T in Hindi गर्भ रोकने में पूरी तरह से उपयोगी साबित होता है। इसकी उपयोगिता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 99 प्रतिशत केस में इसे सुरक्षित और खरा पाया गया है।

कोई साइडइफेक्ट्स तो नहीं? (Side Effects of Copper T)

कॉपर टी को लगाने के कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होते। हां अगर आपको कॉपर से एलर्जी है तो गर्भनिरोधक के अन्य तरीके इस्तेमाल करना आपके लिए बेहतर रहेगा।

कैसे निकाला और लगाया जाएं? (How to Insert and Remove Copper T)

कॉपर टी को निकालने का तरीका बेहद ही सरल होता है। यह महिला की योनी में डालकर गर्भाशय में फिट किया जाता है, लेकिन इसे आप कभी भी घर पर खुद ना लगाएं। किसी अनुभवी डॉक्टर से ही इसे लगवाएं। इसे निकालने का तरीका भी बेहद आसान होता है। Copper T in Hindi के नीचे एक धागा बंधा होता है। आपका डॉक्टर एक क्लिप की मदद से इस धागे को पकड़कर कॉपर टी को बाहर निकाल देता है, जिसके बाद आप फिर से गर्भधारण कर सकती है।

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क्या इससे सेक्स के दौरान कोई परेशानी होती है?

कॉपर टी लगाने के बाद आप पहले की तरह ही सेक्स कर सकती है और इससे आपके आनन्द पर भी कोई असर नहीं पड़ता।

कॉपर टी के फायदे (Benefits of Copper T)

अन्य गर्भनिरोधक उपरकरण और तकनीक के मुकाबले, कॉपर टी इस्तेमाल करने के कई प्रकार के फायदे नज़र आते है। आइये Copper T in Hindi से होने वाले लाभ के बारे में भी जान लेते है:

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नहीं करता कोई रिएक्शन- 

गर्भनिरोधक गोलियां शरीर में कई प्रकार के रिएक्शन करती है, जो महिलाओं के सेहत के लिए बेहद ही खतरनाक है। इन गोलियों के ज्यादा इस्तेमाल से हार्ट अटैक की संभावना कई गुणा बढ़ जाती है और यह स्त्री के मासिक धर्म को भी प्रभावित करती है। वहीं दूसरी ओर कॉपर टी शरीर में किसी तरह का कोई रिएक्शन नहीं करता।

दोबारा बन सकती है मां- 

अन्य गर्भनिरोधरक उपरकरण एक महिला की मां बनने की क्षमता पर बेहद असर करता है। वहीं कॉपर टी के इस्तेमाल से आपकी मां बनने की क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता। अगर आप दोबारा मां बनना चाहती है तो कॉपर टी को अपने गर्भाशय से निकालकर पहले की तरह ही गर्भ धारण कर सकती है।

लंबे समय तक के लिए है कारगार- 

एक बार कॉपर टी लगाने के बाद आप 5 से 10 साल तक के लिए बेफिक्र हो जाते है। समय पूरा होने के बाद आप नये कॉपर टी को पुराने कॉपर टी से बदलकर आराम से सहवास का आनन्द ले सकते है।

कॉपर टी के नुकसान (Disadvantages of Copper T)

कॉपर टी लगाने के फायदें के साथ-साथ इसके कुछ नुकसान भी देखे गएं है। आइये Copper T in Hindi से होने वाली कुछ हानियों पर भी एक नज़र डाल लेते है:

योनी से खून आना- 

कॉपर टी लगाने वाली महिलाओं को योनी से खून आने की समस्या आती है। अक्सर यह समस्या कॉपर टी लगाने के शुरुआती कुछ दिनों में सामने आती है। वहीं कुछ महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान ऐंठन होने की परेशानी भी देखी गई है।

कॉपर टी का बाहर आना- 

कई बार कॉपर- टी महिला के गर्भाशय से स्वतः ही बाहर आने लगता है। ऐसा अक्सर कॉपर टी के ठीक से फिट ना होने के कारण या बच्चे के जन्म के तुरंत बाद कॉपर टी लगवाने वाली महिलाओं के साथ होता है।

संक्रमण होना- 

कुछ महिलाएं को Copper T in Hindi लगाने के बाद रैशज़ और जलन जैसी समस्याओं की शिकायत होती है। इसके अलावा कई बार इसे लगाने के दौरान गर्भाशय में खरोंच भी आ जाती है। ऐसी कोई भी समस्या होने पर आप तुरंत ही अपने डॉक्टर से सलाह लें।

प्रिय पाठकों, उम्मीद करते है कि अब आप कॉपर टी से पूरी तरह से परिचित हो गए होंगे। एक सर्वे के अनुसार Copper T in Hindi को सबसे सुरक्षित गर्भनिरोधक माना गया है। अब आप भी देश की बढ़ती आबादी को रोकने के लिए इस तरह के उपरकरण इस्तेमाल कर अपना योगदान दे सकती है। 

1.8.18

दालचीनी से होने वाले इन फायदें और नुकसानों के बारे में नहीं जानते होंगे आप

भारत को पूरे विश्व में मसालों के देश के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस देश में हज़ारों वर्षों से सैकड़ो तरह के मसाले बनाए जाते रहे है, जो भोजन को स्वादिष्ट और स्वास्थ्यकारी बनाने में मदद करते है। आज हम Cinnamon in Hindi की बात करेंगे जिसका इस्तेमाल सदियों हमारे देश में किया जा रहा है।

Benefits of Using Cinnamon in Hindi

Cinnamon in Hindi को दालचीनी भी कहा जाता है। यह एक खास तरह के पेड़ की छाल होती है। दालचीनी को प्राचीन समय से एक अपच और दवाई के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। यह हमारे पाचन तंत्र को मजबूत करता है। इसके अलावा भी दालचीनी से कई प्रकार के लाभ होते है जिनके बारे में अधिकतर लोग अनजान है। आज हम आपको Cinnamon in Hindi  से होने वाले लाभ के बारे में बता रहे है:

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दालचीनी से होने वाले फायदें (Benefits of Using Cinnamon in Hindi):-

1) पेट के रोगों में असरदार-

 दालचीनी पेट के सभी रोगों में काफी असरदार साबित होती है। सीने में जलन, कब्ज, पेटदर्द जैसी सभी समस्याएं दालचीनी के नियमित सेवन से दूर रहती है। इसके अलावा यह आपके पेट की अतिरिक्त चर्बी को कम करने में भी मदद करता है।

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2) गंभीर बीमारियों से लड़ने में सहायक- 

दालचीनी कई गंभीर बीमारियों से लड़ने की शारीरिक शक्तियों को बढ़ाता है। इससे रक्त चाप और कॉलेस्ट्रोल नियंत्रित रहता है। साथ ही इसमें पाए जाने वाले पौषक तत्व कैंसर और दिल के रोगियों के लिए भी काफी लाभदायक होते है।

3) चेहरे से मुहांसे करें दूर- 

अगर आपके चहरे पर मुहांसे निकाल आए है तो इसमें भी दालचीनी से आपको काफी लाभ हो सकता है। दालचीनी को पीसकर उसे शहद में मिलाकर चेहरे पर लगाने से बहुत जल्द आपके मुहांसे दूर हो जाएंगे।

4) बालों का झड़ना रोकें- 

अगर आपको बाल झड़ने की समस्या है तो Cinnamon in Hindi आपके लिए किसी रामबाण से कम नहीं है। दालचीनी शरीर में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है जिससे आपके बालों की जड़े मजबूत होती है। इसके अलावा दालचीनी, शहद और जैतून के तेल का पेस्ट बालों में लगाने से चमक आती है।

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5) दिमागी शक्ति को बढ़ाएं-

दालचीनी छात्रों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। इसकी सुगंध सीधे दिमाग पर असर करती है जिससे आप पढ़ाई और अन्य काम ज्यादा मन लगाकर कर सकते है। इससे आपकी स्मरण शक्ति में भी इजाफा होता है।

6) सर्दी-झुकाम से तुरंत आराम- 

बदलते मौसम में अक्सर लोग सर्दी-झुकाम जैसी समस्याओं से काफी परेशान हो जाते है। ऐसे में एक कप पानी उबालकर उसमें चुटकीभर दालचीनी और थोड़ी सी काली मिर्च से आपको तुरंत आराम मिलता है।

7) गर्भवती महिलाओं के लिए है लाभकारी- 

गर्भवती महिलाओं को अक्सर Cinnamon in Hindi खाने की सलाह दी जाती है। इससे उन्हें पेटदर्द जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। बच्चा होने के बाद दालचीनी के नियमित सेवन से मां के स्तन में दूध बढ़ता है।

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8) अनिद्रा में भी फायदेमंद- 

अगर आपको नींद ना आने जैसी समस्या है तो दालचीनी के पाउडर को दूध के साथ लेने से यह समस्या दूर हो जाएगी। और सुबह उठने के बाद आप ज्यादा स्वस्थ्य और ताज़गी भरा महसूस करेंगे।

दालचीनी लेने का सही तरीका (Best Way to Use Cinnamon):-

  • दालचीनी को आप कई प्रकार से इस्तेमाल कर सकते है। Cinnamon in Hindi  को पीसकर गरममसालें में मिलाकर रोज़ाना खाने में इस्तेमाल करें। इसके अलावा चावल और पुलाव जैसे व्यंजन में इसका साबुत इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
  • दालचीनी को शहद में मिलाकर लेने से इसका असर दोगुना हो जाता है। इसके अलावा गर्म पानी, दूध या चाय में मिलाकर भी आप दालचीनी का सेवन कर सकते है।
  • आज बाज़ार में दालचीनी कई रुप में उपलब्ध है। आप छाल और पाउडर के अलावा इसका तेल भी इस्तेमाल कर सकते है। Cinnamon in Hindi का तेल एक औषधि के रुप में बेहद गुणकारी माना गया है। यह तेल मधुमेह और मासिक धर्म जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। 

दालचीनी से होने वाले साइड इफेक्ट्स और नुकसान (Side Effects of Cinnamon in Hindi):-

कोई भी चीज अधिक मात्रा में नुकसानदेह साबित हो सकती है। Cinnamon in Hindi के ज्यादा इस्तेमाल से भी आपको कई प्रकार की समस्याएं उतपन्न हो सकती है। किसी भी वस्तु के इस्तेमाल से पहले उसके लाभ के साथ-साथ साइड इफेक्ट्स के बारे में जानना भी बेहद ही आवश्यक है। आइये दालचीनी से होने वाले नुकसान पर भी एक नज़र डाल लेते है:

1) गर्मियों में कम करें इस्तेमाल- 

दालचीनी की तासीर गर्म होती है। यह आपके रक्तचाप को तेज करता है और शरीर में गर्मी पहुंचाता है। गर्मियों में गर्म तासीर वाली वस्तुओं के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है। इसीलिए गर्मियों में हफ्तें में एक या दो से ज्यादा बार इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

2) समय से पहले प्रसव-

ऊपर हमने आपको बताया कि दालचीनी का इस्तमाल गर्भवती महिलाएं पेटदर्द जैसी समस्याओं से छुटकारा पाने में करती है। लेकिन इसके जरुरत से अधिक इस्तेमाल से समय से पहले प्रसव होने की संभावना बढ़ जाती है, जिस कारण बच्चा कमजोर हो सकता है। 

3) लीवर फेलियर का कारण- 

दालचीनी की कई प्रकार की किस्में होती है, जिनमें से अधिकतर किस्मों में कुमरिन पाया जाता है। कुमरिन का अधिक सेवन आपके लीवर को नुकसान पहुंचाता है और यहां तक कि यह लीवर फेलियर का कारण भी बन सकता है। इससे बचने के लिए आप सीलोन दालचीनी का सेवन करें क्योंकि इसमें कुमरिन की मात्रा बेहद ही कम होती है। आम लोगों को Cinnamon in Hindi की किस्मों में अंतर करने में थोड़ी परेशानी हो सकती है। ऐसे में किसी जानकार की सलाह लेना उचित रहेगा। 

4) खुन को करता है पतला- 

कुछ प्रकार की दालचीनी आपके खून को पतला करती है। खुन का पतला होना एक बड़ी समस्या है। हालांकि कुछ लोगों को चिकित्सक इसका इस्तेमाल करने की सलाह भी देते है। लेकिन दालचीनी के अधिक इस्तेमाल से आपका खून पतला होने के साथ-साथ पानी बनना भी शुरु हो सकता है। 

5) एलर्जी और स्किन रोग होने के कारण- 

दालचीनी के अत्यधिक सेवन से आपको एलर्जी और स्किन होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके सेवन के दौरान अगर आपको त्वचा में जलन की शिकायत होती है तो इसे लेना तुरंत बंद कर दें।

दोस्तों आशा करते है कि यह जानकारी आपको पसंद आई होगी और यकीनन इसमें से अधिकतर बातें आपने पहली बार सुनी होगी। Cinnamon in Hindi से जुड़ी यह जानकारी आप अपने मित्रों एवं रिश्तेदारों के साथ शेयर कर उनकी सेहत का ख्याल भी रख सकते है। 

4.7.18

ज्यादा सेक्स (Improve Sex Life) करने से दिख्नेंगे आकर्षक, लेकिन पहले जांचे पार्टनर की वर्जिनिटी

सेक्स सब सुनते ही पहले लोग शर्मा जाते थे, और इसे ज्यादा जोर से नहीं बोलते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है. आज की युवा पीढ़ी जागरूक हो गई है, और ये पीढ़ी इतने आंगे आ गई है कि बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड बना कर बिना शादी किये ही सेक्स (Improve Sex Life) कर लेते हैं. वहीं अब बात आती है वर्जिनिटी की. एक शोध में पाया गया है कि स्कूल और कालेज की लड़कियां अपनी वर्जिनिटी जल्दी खो देती हैं.
लड़कियों की वर्जिनिटी पर कई सावल उठते हैं, लेकिन लड़कों की वर्जिनिटी पर कोई सवाल नहीं! ऐसा क्यों? यहाँ तक कि लड़कों की वर्जिनिटी टेस्ट करने के लिए कोई साइंटिफिक तरीका भी नहीं है. परेशान होने की जरूरत नहीं आज हम कुछ लक्षण बताएँगे, जिसकी मदद से आप अपने बॉयफ्रेंड या पार्टनर की वर्जिनिटी टेस्ट कर सकती हैं.


Improve Sex Life

25.6.18

Stress Symptoms and Treatment | तनाव के लक्षण, कारण, इलाज, दवा, उपचार 

हमारे पूर्वज कहते थे कि चिंता चिता से भी बड़ी होती है, चिता तो सिर्फ शरीर को जलाती है, लेकिन चिंता तो आत्मा को भी जला देती है. पूरी दुनिया में 99.9% लोग चिंता (Stress Symptoms and Treatment in Hindi) से पीड़ित है. कोई ज्यादा तो कोई कम. चिंता एक दीमक की तरह होती है तो पूरा का पूरा शरीर धीरे धीरे खा जाती है. इसका कोई इलाज भी नहीं. अमेरिकी मनोवैज्ञानिक रोलो ने अपनी पुस्तक चिंता का अर्थमें चिंता के बारे में बताया है. उन्होंने किताब में लिखा है कि छोटे से तनाव से बचने के लिए एक व्यक्ति अपनी कल्पना के माध्यम से कई गुना अधिक तनावग्रस्त हो जाता है. इस प्रकार, एक मामूली सी चिंता बड़ी चिंता का कारण बन जाती है.
Stress Symptoms and Treatment


27.5.18

प्राकृतिक औषधि तुलसी (Benefits of Basil in Hindi) के पौधे को अक्सर आपने घरों में लगा हुआ देखा होगा । भारतीयों में तुलसी (Basilके पौधे को लेकर अलग  - अलग मान्यताएं जिसके चलते कई धर्मों में तुलसी को पूजा भी जाता है । परंतु तुलसी के पौधे के केवल धार्मिक ही नहीं कई वैज्ञानिक महत्व भी है । जिसे मेडिकल साइंस भी मानता है । तुलसी के नाम का अर्थ होता है अतुलीय पौधा । यानी जिस पौधे के गुण सर्वोपरि होते हैं । और जिसमें रोगों से लड़ने की क्षमता होती है 
Amazing Benefits of Basil in Hindi


23.5.18

शहद (Honey) खाने में जितना स्वादिष्ट होता है । उसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर के लिए उतने ही ज्यादा लाभकारी है ।और यही कारण है कि घरो में बच्चों को दिन में एक बार एक चम्मच शहद (Health Benefits of Honey in Hindi) जरुर खिलाया जाता है । क्योकि ये शरीर को बिमारियों से दूर रखने के साथ – साथ त्वचा की खूबसूरती भी निखारता है । वहीं सर्दियों में शहद की चम्मच बाहरी ठंड से भी बचाता है । लेकिन मधुमक्खियों  दारा बनाया गया शुद्ध शहद का सेवन ही फायदेमंद रहता है । मिलावटी शहद से समस्याएँ बढ़ सकती है । इसलिए शहद खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता जरुर जांच लें । 


Health Benefits of Honey in Hindi

21.5.18

हल्दी (Benefits of Turmericका इस्तेमाल किचन में पीसकर मसाले के रुप में किया जाता है । लेकिन  रासयनिक गुणो के कारण हल्दी का इस्तेमाल कई ब्यूटी प्रोड्क्टस और दवाइयों में औषधि के रुप में भी किया जाता है । हल्दी (Haldi Ke Fayde or Nuksan) में विटामिन ए , प्रोटीन , कार्बोहाइड्रेट और कई पोषक खनिज तत्व मौजूद होते है । जो शरीर में कई खतरनाक बिमारियों जैसे लीवर की समस्या , गठिया , अल्जाइमर , मोटापा आदि को ठीक करने में मदद करता है ।


7 Amazing Haldi Ke Fayde or Nuksan

3.5.18

लहसुन (Benefits of Garlic) का इस्तेमाल ज्यादातर खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए चौंक लगाकर किया जाता है । लेकिन लहुसन में कई गुणकारी पोषक तत्व भी मौजूद होते है । जो कई बिमारियों से शरीर को लड़ने में मदद करते हैं । इसलिए लहुसन को अपने खाने में किसी भी रुप में शामिल करना लाभकारी होता है । लहुसन (Lahsun Ke Fayde Aur Nuksan in Hindi) को उसके आयुर्वैदिक गुणों के कारण कई आयुर्वैदिक दवाइयों और थेरपी में भी इस्तेमाल किया जाता है । 
Lahsun Ke Fayde Aur Nuksan in Hindi

23.4.18

Amazing Benefits Of Aloe Vera Juice

आजकल के टाइम में हम आयुर्वैदिक औषिधियों से ज्यादा केमिकल प्रोडक्ट और दवाइयों में यकीन करते है । जो हमारी बिमारी को तो ठीक कर देती है लेकिन हमारे शरीर को ओर कमजोर कर  देती है । साथ ही छोटी - छोटी बिमारियों को भी आमंत्रित करती है ।पर भारत में मिलने वाली कई आर्युवैदिक औषिधियां खतरनाक से खतरनाक बिमारी को ठीक करने का दम रखती है ।और इन्हीं गुणकारी औषधियों में से एक ऐलोवेरा (Benefits Of Aloe Vera Juice) भी है । जिसका इस्तेमाल त्वचा संबंधी समस्याओं से लेकर, पाचन संबंधी रोग , मुधमेह और कैंसर जैसी खतरनाक बिमारियों की रोकथाम के लिए किया जाता है । ऐलोवेरा में विटामिनस , अमीनो एसिड ,खनिज और कई पोषक तत्व मौजूद होते है ।

16.4.18

Amazing Proven Benefits of Garlic

हमारे किचन में मिलने वाले मसालें और सब्जियां कितनें ज्यादा लाभकारी है शायद ही कोई जानता है । इन्हीं गुणकारी सब्जियों और मसालों में से एक अदरक भी है । अदरक का इस्तेमाल (Proven Benefits of Garlic) ज्यादातर चाय और खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है । लेकिन अदरक प्राकृतिक जड़ी बूटी भी माना जाता है । जिसके गुण जानकार आप भी हैरान हो जाएगें ।  और यही कारण है कि अदरक को दवाइयों का भंडार कहा जाता है । अदरक में एंटी सेफ्टिक , एंटी फंगल गुण मौजूद होते है ।
Proven Benefits of Garlic in Hindi

9.4.18

Pregnancy Care Tips for Mother

माता पिता बनना हर कपल के जीवन की सबसे बड़ी चाहत होती है । और गर्भवती भले ही एक महिला होती है । लेकिन पुरुष को भी अपनी पत्नी की जरुरतों और ख्वाहिशों का इस दौरान खासा ख्याल रखना होता है । गर्भवती होने के साथ ही एक महिला के  नए जीवन की शुरुआत होती है । और ये समय जीतना यादगार ओर खुशहाल भरा होता है ।उतना ही चिंताजनक भी । क्योंकि इस दौरान एक भी लापरवाही मां और बच्चे दोनों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है । गर्भवस्था के दौरान महिला के खाने – पीने , सोने से लेकर सभी बातों का ध्यान रखना पड़ता है । और साथ महिला को खुश रखने की कोशिश करनी होती है । क्योंकि गर्भवस्था (Pregnancy Care Tips for Mother) के दौरान डिप्रेशन , तनाव बच्चे पर बुरा असर डाल सकता है ।



PREGANCY care TIPS

8.4.18

Best Food for Diabetes Patient

आज कल की व्यस्त जिंदगी में ज्यादातर लोग अपने स्वस्थ पर ध्यान नहीं दे पाते ।और कम उम्र में ही खतरनाक बिमारियों के शिकार हो जाते है । लोगों के बीच तेजी से फैल रही इन्हीं खतरनाक बिमारियों में से एक डायबटीज (best food for diabetes patient) यानी शुगर की बिमारी भी है । जिसके शिकार आजकल सभी उम्र के लोग हो रहे है । जिसका सबसे बड़ा कारण लोगों का अपने खान – पान पर ध्यान न देना है । और डायबटीज एक ऐसी बिमारी है जिसे नियंत्रित तो किया जा सकता है लेकिन पूर्ण रुप से खत्म करना काफी मुश्किल है । डायबटीज मरीज को रोजाना 16 सौ से 17 सौ कैलोरीज लेनी होती है । जिसके लिए रोगी का संतुलित और सही आहार लेना बहुत जरुरी है ।


Best Foods for Diabetes Patient

7.4.18

Home Remedies for Ringworm


हमारे शरीर में सबसे नाजुक और खूबसूरत अंग हमारी त्वचा होती है । जिस पर किसी भी तरह के दाग धब्बे लोगों के बीच हमें असहज महसूस कराने लगते हैं । जिसका सबसे बड़ा कारण हमारा समय पर अपनी त्वचा का ख्याल न रखना और त्वचा संबंधित रोग जैसे दाग , खाज ,खुजली को निमंत्रित करना होता है । और जैसा कि कहा जाता है लापरवाही का कोई इलाज नहीं है । एक बार त्वचा में इन बिमारियों की जड़े जमने के बाद आप कितना भी इलाज करवा लें कुछ वक्त बाद त्वचा संबंधित ये समस्याएं दोबारा लौट आती है । जिस वजह से वक्त रहते इन समस्याओं का जड़ से इलाज करना आवश्यक है । Home Remedies for Ringworm

25.2.18

दैनिक जीवन के लिए काले नमक के घरेलू नुसखे


काला नमक(Black Salt) हेल्थ के लिए बहुत ही लाभदयक होता है इससे विभिन्न प्रकार के रोगों से बचा जा सकता ह जो की हर किचन में पाया जाता ह इसका उपयोग करके बहुत सी बीमारी से बचा जा सकता
यहाँ हम आपको काले नमक से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण जानकारी कुछ फोटो के माध्यम से बताने जा रहे है जो की आपके दैनिक जीवन क लिए बहुत लाभकारी हैं

Throat Treatment(गले का उपचार):

गले का उपचार

24.2.18

Skin Fungal Infection Treatment in Hindi

एक्जिमा एक प्रकार की त्वचा से सम्बन्धित बीमारी है या हम ये कह सकते हैं कि ये चर्म रोग होता है. इस रोग के होने से शरीर में गोल आकर के लाल दाने हो जाते हैं, जिनमें सुखी और तर प्रकार की खुजली होती है. अगर इसमें थोड़ी सी भी लापरवाही बरती जाये तो, ये बीमारी शरीर में अपनी जड़े जमा लेती हैं, इसके बाद ये बीमारी जल्दी ठीक नहीं होती, चाहे आप जितनी भी दावा खा लें ये वापस लौट आती है. इस बीमारी के कई गंभीर मामलों में त्वचा के ग्रसित जगहों के पास रक्त का स्राव भी होता। यह रोग डर्माटाईटिस के नाम से भी जाना जाता है.

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Skin Fungal Infection Treatment in Hindi

22.11.17

How to Increase Penis Size Naturally in Hindi

ये तरीके अपनाइयें और छोटे लिंग की समस्या को हमेशा के लिए भूल जाइयें

एक व्यक्ति के जीवन में सेक्स भी खाना, पानी और हवा जितना ही जरुरी होता है। सेक्स के प्रति लोगों के मन को आज भी कई प्रकार की गलतफहमियां होती है। अक्सर देखा जाता है कि पुरुष अपनी सेक्स लाइफ से खुश नहीं है। इस कारण प्रेम संबंधों में दरार और सुखी वैवाहिक जीवन में तलाक जैसी बड़ी समस्याएं भी देखने को मिल रही है। महिलाएं बड़े लिंग वाले पुरुषों की ओर ज्यादा आकर्षित होती है। पार्टनर के सामने छोटे लिंग के कारण भी पुरुषों को बदनामी का सामना करना पड़ता है। Know How to increase penis size naturally in hindi.


How to Increase Penis Size Naturally in Hindi

पुरुष अपना लिंग का आकार बड़ा और मोटा करने के लिए कई प्रकार के तेल, दवाइयां और देसी इलाज का उपयोग करते है लेकिन फिर भी कोई खास फायदा नहीं होता। बड़े-बड़े डॉक्टर्स के पास हजारों रुपए खर्च करने के बाद भी पुरुष के लिंग में कोई विकार नहीं देखने को मिलता। आज हम आपको बताएंगे How to increase penis size naturally in hindi, जिसकी मदद से आपका लिंग कुछ ही दिनों में पहले के मुकाबले लंबा और मोटा हो जाएगा, साथ ही आपका पार्टनर भी आपसे ज्यादा खुश रहेगा।

व्यायाम का ले सहारा

लिंग का आकार बड़ा करने के लिए व्यायाम सबसे उचित और कारगर तरीका है। How to increase penis size naturally in hindi, के इस तरीके से आप बिल्कुल मुफ्त में अपने लिंग का आकार बड़ा कर सकते है। लिंग का आकार बड़ा करने के लिए ये कुछ व्यायाम करने से आपको काफी फायदा होगा-
  • अपने लिंग को अंगूठे और पहली उंगली से पकड़कर आगे पीछे कर उसे खींचने का प्रयास करें।
  • लिंग पर वजन बांधकर उसे नीचे लटकने दे। ऐसा करने से आपके लिंग पर दबाव पड़ेगा जिससे आपका लिंग का आकार बड़ा हो जाएगा।
  • लिंग का आकार बड़ा करने के लिए आप अपने पार्टनर की भी सहायता ले सकते है। पार्टनर से लिंग की मालिश कराने से भी आपको काफी फायदा मिलेगा।
  • How to increase penis size naturally, के लिए आप मेडिटेशन का सहारा भी ले सकते है। मन को तनाव मुक्त रखने से लिंग की लंबाई में इजाफा होता है।
  • ज्यादा मोटापे के कारण भी लिंग के आकार पर फर्क पड़ता है। वजन कम करने से आपके लिंग में अपने आप ही पहले से ज्यादा तनाव आने लगेगा।

पौष्टिक आहार है जरुरी

अच्छे सेक्स के लिए आपका स्वस्थ्य रहना बहुत जरुरी है। अच्छे स्वास्थ्य से आपको How to increase penis size naturally in hindi, को बढ़ाने में मदद मिलेगी। आइये जान लेते है किन वस्तुओं का सेवन करने से आप लिंग के आकार में बढ़ोतरी कर सकते है-

  • फल एवं सब्जियां- लिंग का आकार बढ़ा करने के लिए आपको सभी प्रकार के पौषक तत्व की जरुरत पड़ेगी। केला, लहसुन तरबूज, प्याज, नींबू, संतरा, हरी पत्तेदार सब्जियां आपको How to increase penis size naturally, बढाने में मदद करते है। इसके अलावा डार्क चॉकलेट और उड़द की दाल भी आपकी उत्तेजना में इजाफा करते है।
  • सप्लीमेंट्स- विटामीन और मिनरल्स की दवाइयां खाने से भी लिंग का आकार बढ़ा करने में मदद मिलती है। विटामिन ए, विटामिन डी, विटामिन ई, कैल्शियम, ज़िंक, फॉलिक एसिड और पोटेशियम की दवाइयों का भी आप सहारा ले सकते है। ध्यान रहें, कोई भी दवाई खाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
  • ना लें वियाग्रा- अगर आप भी अपने लिंग का आकार बढ़ा करना चाहते है तो भूलकर भी वियाग्रा का डोज़ ना लें। वियाग्रा लेने से आपकी सेक्स पावर में कुछ देर के लिए इजाफा हो जाता है, लेकिन भविष्य में इसके कई प्रकार के साइड इफेक्ट्स देखने को मिलते है। वियाग्रा के स्थान पर आप शिलाजीत जैसी देसी दवाइयों का सहारा ले सकते है।
  • नशे से रहे दूर- कुछ लोगों को लगता है नशा करने के बाद वह आसानी से अपने पार्टनर को संतुष्ट कर पाते है, लेकिन यह उनकी गलतफहमी है। एक रिपोर्ट के अनुसार सिगरेट, शराब और ड्रग्स आपकी सेक्स लाइफ पर काफी बुरा असर डालते है। How to increase penis size naturally in hindi, के लिए आपको नशे से हमेशा दूर रहना चाहिए।

गर्म कपड़े से करें सेक

लिंग को आप जितना ज्यादा गर्मी में रखेंगे, उसमें उतनी ही ज्यादा उत्तेजना जागेगी। आपने भी यह बात नोटिस किया होगा की ठंड में जाते ही आपका लिंग सिकुड़ जाता है। रात के समय एक कपड़ा या तौलिया गर्म पाने में डुबोकर अपने लिंग पर रखकर सो जाइयें। ऐसा कुछ दिन तक लगातार करने से How to increase penis size naturally बढ़ाने में मदद मिलेगी। लेकिन ध्यान रखें अपने लिंग पर सीधा गर्म पानी ना डालें। ऐसा करने से आपके शुक्राणुं कमजोर पड़ सकते है।

चमेली का तेल है चमत्कारी

How to increase penis size naturally in hindi के लिए चमेली का तेल एक चमत्कारी औषधी की तरह सिद्ध होता है। चमेली का तेल आपको आसानी से किसी भी दुकान पर मिल जाएगा। लिंग का आकार बढ़ाने के लिए आपको एक महीने तक रोज़ाना लिंग की अच्छे से मालिश करनी है। रोजाना 10-15 मिनट लिंग की मालिश करने से एक महीने में आप खुद ही फर्क महसूस करने लगेंगे। इस उपयोग के दौरान आपको कुछ बातों का विशेष रुप से ध्यान रखना है। एक महीने तक आपको हस्तमैथुन और सेक्स नहीं करना है। इससे आपके लिंग की नसों को पूरा आराम मिलेगा और वह अपने पूरे आकार में बढ़ पाएगी। चमेली के तेल की मालिश से ना केवल आपके लिंग के आकार में इजाफा होगा, बल्कि लिंग का टेढ़ापन और ढीलापन भी दूर हो जाएगा।

लोंग भी है काफी असरदार

लिंग का आकार बढ़ा करने के लिए आप लोंग का सहारा भी ले सकते है। लोंग एक प्राकृतिक औषधि होती है। रोजाना थोड़ी सी लोंग को पीस कर पानी में रख दें। एक पूरी रात रखने के बाद सुबह उठकर उस लोंग के पानी को पी जाइयें। इसके अलावा आप लोंग के तेल को पानी में मिलाकर भी पी सकते है। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में आपका How to increase penis size naturally तो बढ़ेगा ही, साथ ही आपके शुक्राणुओं में भी इजाफा होगा।
आशा करते है How to increase penis size naturally in hindi बढ़ाने के ये उपाय आपको जरुर पसंद आए होंगे। अपनी सुविधा अनुसार ऊपर दिए गए कोई भी तरीका आप अपना सकते है। कोई भी नुस्खा अपनाते समय अगर आपको अपने अंदर कुछ अजीब बदलाव नज़र आते है या दर्द जैसी शिकायत होती है तो उस नुस्खे का उपयोग बंद कर दें।

16.11.17

Daily Masturbation Side Effects in Hindi

हस्तमैथुन से होने वाले इन दुष्प्रभावों का जानना बहुत ही जरुरी है

ज़िन्दगी जीने के लिए सेक्स बहुत ही जरुरी होता है। सेक्स केवल पार्टनर के साथ ही नहीं बल्कि और भी कई तरीकों से किया जा सकता है। मास्टरबेशन भी सेक्स करने का ही एक तरीका होता है जिसे हस्तमैथुन भी कहा जाता है। हस्तमैथुन एक ऐसी प्रतिक्रिया है जिससे एक महिला या पुरुष अपने हाथ की मदद से ही सेक्स का आनन्द का उठा सकते है। युवा उम्र में मास्टरबेशन बहुत ही सामान्य है। एक तय सीमा तक मास्टरबेशन से कोई नुकसान नहीं होता बल्कि इससे कई प्रकार के लाभ भी होते है। लेकिन जरुरत से ज्यादा मास्टरबेशन से कई प्रकार के दुष्प्रभाव हो सकते है। आज हम आपको daily masturbation side effects in hindi के बारे में बताएंगे जिन्हें जानने के बाद आप हस्तमैथुन करना यकीनन बंद कर देंगे-


Daily Masturbation Side Effects in Hindi



शरीर का कमजोर होना

हस्तमैथुन करने से आपके शरीर के अंदर कमजोरी आने लगती है। आपने अक्सर नोट किया होगा कि हस्तमैथुन करने के बाद आप थोड़ा अस्वस्थ्य महसूस करने लगते है। ऐसा इसलिए क्योंकि हस्तमैथुन के बाद आपके शरीर के अंदर प्रोटीन की कमी हो जाती है। नियमित हस्तमैथुन से आपके शरीर के अंदर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इस daily masturbation side effects in hindi को दूर करने के लिए आपको हस्तमैथुन के तुरंत बाद एक गिलास दूध या एक कटोरी उड़द की दाल खा लेनी चाहिए।

खुद से होने लगती है नफरत

हस्तमैथुन करने का सबसे बड़ा daily masturbation side effects in hindi यही है कि इसके बाद आपको खुद से नफरत होने लगती है। आप अंदर ही अंदर खुद को कोसने लगते है और अपने आप से ही घिन्नता का अनुभव होने लगता है। हस्तमैथुन करते समय तो काफी एक्साइटमेंट रहती है लेकिन क्लाइमैक्स पर पहुंचते ही मन उदास हो जाता है। ज्यादा हस्तमैथुन करने से आपकी लाइफ से खुशियां दूर होने लग जाती है।

लिंग पर दुष्प्रभाव

अक्सर लोग ज्यादा जल्दी क्लाइमैक्स पर पहुंचने के लिए बहुत तेजी से हस्तमैथुन करने लगते है। तेजी से हस्तमैथुन करने से इसके daily masturbation side effects in hindi आपके लिंग पर बुरा प्रभाव डालने लगते है और हस्तमैथुन के दौरान निकलने वाला वीर्य आपके लिंग की मांसपेशियों में चला जाता है जिससे आपका लिंग सूजने लगता है। इसके अलावा लिंग का टेढ़ापन जैसी समस्याएं भी उतपन्न होने लगती है। अपने लिंग को स्वस्थ्य और मजबूत रखने के लिए हस्तमैथुन पर काबू पाना बहुत जरुरी है।

चेहरे पर बढ़ने लगते है कील-मुंहासें

अक्सर युवाओं को कील-मुहासों की शिकायत होती है जो एक उम्र में सामान्य बात है। कुछ समय के बाद ये कील-मुहांसे अपने आप गायब हो जाते है। लेकिन जरुरत से ज्यादा हस्तमैथुन के daily masturbation side effects in hindi से आपके चेहरें पर कील-मुहांसे लगातार बढ़ते ही चले जाते है। ये कील मुहांसे आपके पूरे चेहरे को ढक लेते है जिससे आपका चेहरा बहुत ही भद्दा और खराब दिखने लगता है। ऐसे में कोई दवाई भी इन पर असर नहीं करती। इन कील-मुहासों को दूर करने का एक ही उपाय है और वह हस्तमैथुन पर नियंत्रण पाना।

मांसपेशियों को बनाता है कमजोर

हस्तमैथुन करने से आपकी मांसपेशियां कमजोर होने लगती है। एक तय सीमा तक हस्तमैथुन करने से कोई असर नहीं होता। लेकिन अगर आप जरुरत से ज्यादा हस्तमैथुन करते है तो इसके Side Effects of Masterbation से आपके लिंग की मांसपेशियां कमजोर होने लगती है। हस्तमैथुन करते समय कभी भी अपने लिंग को ज्यादा जोर से ना जकड़े या फिर वीर्य निकलते समय आगे से उसका मुंह कभी ना बंद करें। ऐसा करने से आपकी मांसपेशियां कमजोर होने लगती है जिससे लिंग में आने वाले तनाव में भी कमी आने की संभावना बढ़ जाती है।

मानसिक तनाव का होना

कुछ लोगों का मानना है कि हस्तमैथुन करने से मन का तनाव कम हो जाता है लेकिन यह उनकी गलतफहमी होती है। हस्तमैथुन के Side Effects of Masterbation से मानसिक तनाव घटने की बजाय बढ़ जाता है। हस्तमैथुन करते ही आपके मन में कई प्रकार की चिंताएं होने लगती है। इसके अलावा आप अपना आत्मविश्वास भी खोने लगते है। दूसरों से बात करने में भी झिझक महसूस होती है और मन ही मन अकेलेपन से दम घुटने लगता है।

वीर्य में स्पर्म की कमी होना

हस्तमैथुन करते समय हमारे वीर्य के साथ लाखों की संख्या में शरीर से स्पर्म भी बाहर निकलते है। इन्हीं स्पर्म की मदद से बच्चों का जन्म होता है। नियमित हस्तमैथुन करने से से शरीर में बनने वाले स्पर्म की संख्या कम हो जाती है। साथ ही स्पर्म भी कमजोर होने लगते है। स्पर्म में कमी और कमजोरी  के daily masturbation side effects in hindi के कारण शादी के बाद आपके पिता बनने में भी दिक्कतें आने की संभावना बढ़ जाती है। कमजोर स्पर्म के कारण आपके होने वाले बच्चें के अंदर भी कमजोरी बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है।

शीघ्रपतन होना

जरुरत से ज्यादा हस्तमैथुन करने से शीघ्रपतन जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती है। Side Effects of Masterbation के कारण आप अपने पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पाते। ऐसा इसलिए क्योंकि आपका वीर्य बहुत जल्दी निकल जाता हे लेकिन उस समय तक आपका पार्टनर चरमसुख तक नहीं पहुंच पाता है। ऐसा होने से प्रेम संबंधों में दरार आने लगती है और संभव है कि आपके पार्टनर को अपनी संतुष्टी के लिए किसी अन्य व्यक्ति का सहारा लेना पड़े। अगर आप अपनी सेक्स लाइफ को अच्छे से एन्जॉय करना चाहते है तो हस्तमैथुन को कंट्रोल करना बहुत जरुरी है।

समाज के लिए भी है एक खतरा

हस्तमैथुन करने से आपके मन में पूरे दिन सेक्स के विचार ही घूमते रहते है और पॉर्न देखने की इच्छा भी बढ़ जाती। आपका अपने काम पर ध्यान नहीं लगता। ज्यादा हस्तमैथुन के कारण आप सेक्स एडिक्शन का शिकार हो जाते है और आप छोटे-बढ़े के बीच का अंतर भी खोने लगते है। ऐसा होने से समाज में यौन शोषण का खतरा भी बढ़ जाता है। हस्तमैथुन करने वाला व्यक्ति अपनी हवस शांत करने के लिए किसी को तलाशने लगते और कोई पार्टनर ना मिलने के कारण रेप जैसी घटनाओं को अंजाम देने के लिए मजबूर हो जाता है।
दोस्तों उम्मीद करते है कि  daily masturbation side effects in hindi की इस जानकारी से आपको काफी फायदा मिलेगा। अगर आप भी हस्तमैथुन की लत का शिकार है तो ये जानकारी पढ़ने के बाद यकीनन आप भी इस बुरी लत से छुटकारा पाने की कोशिश करेंगे।

9.11.17

How to Seduce Women on Bed in Hindi

आप भी पार्टनर को लाना चाहते है बेड पर तो इन टिप्स से मिलेगा फायदा

किसी भी महिला को अपनी ओर आकर्षिकत करने का कौशल बहुत ही कम पुरुषों में पाया जाता है। अधिकतर पुरुष सोचते है कि वह किसी महिला को अपनी ओर आकर्षित कर ही नहीं सकते और अपनी जवानी को बेकार कर देते है। कुछ लोग ऐसे भी होते है जो लड़कियों से बात करने में तो उस्ताद होते है लेकिन शारीरिक संबंध बनाने से काफी डरते है। उन्हें लगता है कि अगर वह अपनी दोस्त को सेक्स के लिए पूछेगा तो वह मना कर देगी। how to seduce women on bed in hindi के तहत आज हम आपको ऐसी कुछ जरुरी बाते बताएंगे जिससे महिला स्वयं ही आपकी ओर आकर्षित होगी और सेक्स के लिए उतावली हो जाएगी-


How to Seduce Women on Bed in Hindi

बातचीत से करें शुरुआत

how to seduce women on bed in hindi के लिए एक अच्छी बातचीत का शुरु होना बहुत जरुरी है। इसके लिए आपको लड़की से बहुत ही तरीके से बात करना आना चाहिए। कई लड़के यह सोचकर घबरातें है कि लड़की क्या सोचेगी जब उसे पता चलेगा कि वह उसके साथ फिज़िकल होना चाहता है। वह ये बात भूल जाता है कि लड़की के मन में भी सेक्स की उतनी ही इच्छा होती है जितनी की एक पुरुष के मन में।
आपकी बातों से उसे पता चलना चाहिए कि आप उसे पसंद करते है। हंसी-मजाक और अच्छे सेंस ऑफ ह्यूमर वाले लड़को को महिलाएं ज्यादा पसंद करती है। इसके अलावा केवल अपने मन की बात ही ना बोलिएं। लड़की के दिल की बात जानने का भी प्रयास कीजिएं। जो भी आपके दिल में आए, बिंदास और बेबाक होकर बोल दीजिए। ऐसा करने से वह how to seduce women on bed आपकी ओर आकर्षित होने लगेगी।

कॉन्फिडेंस लेवल रखें हाई

लड़की से बात करते समय आपको अपना कॉन्फिडेंस लेवल हमेशा हाई रखना चाहिए। अगर आप डर कर के या  बिना मन के लड़की से बात करेंगे तो वह आपसे दूर होने लगेगी। लड़कियां स्टड और अच्छे एटिट्यूड वाले लड़कों को ज्यादा पसंद करती है। लड़की से बात करते हुए आपके अंदर एक स्टारडम वाली फीलिंग होनी चाहिए। अपने प्रेमी से बात करते हुए आपको बिल्कुल भी हिचक महसूस नहीं होनी चाहिए। महिला को how to seduce women on bed सेक्स के लिए आकर्षित करने के लिए आपको उन्हें अपनी राजकुमारी की तरह ट्रीट करना होगा।

आंखों में रखें हवस

प्रेमी को जल्द से जल्द बेड पर लाने के लिए आपकी आंखो के अंदर एक हवस होनी चाहिए। लड़कियां आंखे पढ़ने में बहुत ही माहिर होती है। प्रेमी को आपकी आंखो से लगना चाहिए की आप उसके साथ सेक्स करना चाहते है। समय-समय पर अपनी आंखो से महिला की ब्रेस्ट और हिप पर फोकस करते रहना चाहिए। यहां पर यह बात ध्यान में रखनी बहुत जरुरी है कि जब भी आप महिला के प्राइवेट पार्ट्स को घूर रहे हो तो वह ऐसा करते हुए आपको नोटिस कर लें। उसे पता चल जाता चाहिए कि आपका ध्यान उसके चहरे से ज्यादा उसकी बॉडी पर है। इसके अलावा how to seduce women on bed in hindi, के लिए आपको लड़की की आंखो को पढ़ना भी आना चाहिए। अगर लड़की की आंखो में भी आपको सेक्स की हवस दिख रही है तो अगला कदम उठाने में देरी ना करें।

पर्सनालिटी पर दे ध्यान

महिला को बिस्तर पर लाने के लिए आपको अपने बॉडी पोस्चर पर काफी ध्यान देना होगा। उसके सामने कभी भी ढीले-ढाले या लाचार होकर ना चलें। how to seduce women on bed in hindi के लिए आप जब भी पार्टनर के सामने जाएं तो हमेशा अच्छे कपड़े और स्मार्ट बनकर जाएं। अपने आपको को ज्यादा से ज्यादा स्टाइलिश और सेक्सी दिखाने का प्रयास करें। कुछ लोग इसे दिखावा समझते है लेकिन लड़की को इंप्रैस करने के लिए यह एक कारगर तरीका है।

सरप्राइज़ गिफ्ट दें

जब भी आप अपनी प्रेमी से मिलें तो उसके लिए हमेशा कुछ ना कुछ गिफ्ट जरुर लेकर जाएं। इससे वह आपके और भी ज्यादा क्लोज़ आने लगेगी और how to seduce women on bed के तरीके में आपको सफलता मिलने लगेगी। इसके अलावा हमेशा उसकी तारीफ भी करते रहिएं। उसकी कपड़े, नेल पॉलिश, इयर रिंग्स इत्यादि की तारीफ करने से लड़कियां बहुत जल्दी खुश हो जाती है।

छूनें का करें प्रयास

how to seduce women on bed in hindi के लिए आपको जब भी मौका मिलें तो प्रेमी को छूने का प्रयास करिएं। अगर आप उसके साथ घूमने जा रहें है या ऑफिस में लंच कर रहे है तो उसके ज्यादा से ज्यादा नज़दीक रहने का प्रयास करें। साथ में वॉक करते हुए उसका हाथ पकड़ने के बजाय कमर में हाथ डालकर चलिएं। आपको हाव-भाव से लड़की को यह पता चल जाना चाहिए कि आप उसके और ज्यादा क्लोज़ आना चाहते है।

अच्छी किस से मिलेगा फायदा

प्रेमी को पहली बार किस करते समय आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। how to seduce women on bed के लिए आपको एक अच्छी किस आनी बहुत ही जरुरी है। अगर आप पहली किस में ही लड़की को इंप्रैस कर लेते है तो समझ जाहिए आपके मन की इच्छा जल्द पूरी होने वाली है। पहली किस में कभी भी लड़की पर टूटने का प्रयास ना करें। एक अनुभवी व्यक्ति की तरह किस करने से लड़कियां जल्दी इंप्रैस होती है। अपनी किस में ज्यादा से ज्यादा रोमांस लाइएं और किस करते समय लड़की की कमर और हिप पर हाथ घूमाते रहिए। इससे लड़की और भी ज्यादा गर्म होने लगती है।

सेंसेटिव पार्ट्स पर दें ध्यान

how to seduce women on bed in hindi को जल्द से जल्द गर्म करने के लिए आपको महिला के सेंसेटिव पार्ट्स पर ध्यान देना पड़ेगा। रोमांस के दौरान उसके कान को अपने दांतो से खींचने का प्रयास करें। साथ ही गर्दन के पीछे का हिस्सा महिलाओं का सबसे सेंसेटिव पार्ट माना जाता है। गर्दन के पीछे की ओर मुंह ले जाकर उस पर किस करते हुए बालों के साथ खेलें और कमर पर हाथ घूमाते रहिएं। इसके अलावा आप पीछे से ही उसकी ब्रेस्ट भी दबा सकते है। हिप्स और ब्रेस्ट दबाने से भी महिला बहुत जल्दी गर्म होने लगती है। लेकिन ध्यान रहें ये सभी करते हुए महिला की रजामंदी होना बहुत जरुरी है। जबरदस्ती ऐसा करने से पार्टनर के साथ आपके संबंध बिगड़ सकते है।
पाठकों उम्मीद करते है ये जानकारी आपको बेहद पसंद आई होगी और यकीनन आप भी अपने प्रेमी के साथ ये सभी तरीके अपनाने के लिए उत्सुक होंगे। देर ना करते हुए अभी से इन टिप्स पर अमल करना शुरु कर दें । ऐसा करने से आप भी जल्द से जल्द अपने पार्टनर के साथ सेक्स का आनंद उठा पाएंगे।

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