28.8.17

Top 5 Ayurvedic Treatment for Back pain | आयुर्वेदिक तरीके से करें कमर दर्द का उपचार

आयुर्वेदिक तरीके से करें कमर दर्द का उपचार (Ayurvedic Treatment for Back pain)

हेलो दोस्तो!

दोस्तो आज के इस आधुनिक युग में भी भारत अपनी परंपरा नहीं भूला है। आज भी हमारे देश में करोड़ों ऐसे लोग हैं जो किसी भी तरह की बीमारी होने पर आयुर्वेदिक उपचार को ही प्राथमिकता देते हैं। कई ऐसी गंभीर समस्याएं हैं जिसमें अंग्रेजी डॉक्टर जवाब दे देता है। ऐसे में आयुर्वेद ही एकमात्र ऐसा उपाय है जिस पर आंख बंद करके भरोसा करा जा सकता हैं। आज की युवा पीढ़ी भी आयुर्वेद तरफ  काफी आकर्षित हो रही है। आयुर्वेदिक उपचार पूर्ण तरीके से प्राकृतिक होते हैं और उसमें किसी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता। अपने पिछले लेख में हमने आपको कमर दर्द से निजात पाने के कुछ आसान घरेलू नुस्खे बताए थे। उसमें हमने यह भी बताया था कि किस तरह आज की युवा पीढ़ी भी शारीरिक समस्याओं का शिकार हो रही है। आज हम आपको बताएंगे Ayurvedic Treatment for Back pain जिसकी मदद से आप कुदरती तरीके से कमर दर्द से छुटकारा पा सकते हैं।

Ayurvedic Treatment for Back pain

1. कटीवस्ती है अचूक उपाय (KATI BASTi is the perfect remedy):

कटी वस्ती भारतीय आयुर्वेद की सबसे प्राचीन परंपराओं में से एक है। कटी वस्ती Ayurvedic Treatment for Back pain से आपका दर्द बिल्कुल छूमंतर हो जाएगा। अहमदाबाद समेत देश के कुछ हिस्सों में आज भी कटी वस्ती से कमर दर्द का उपचार किया जाता है।यह आप घर पर भी आज़मा सकते है। सबसे पहले तो आटे को गूंथकर उसे लंबी मोटी रस्सी जैसा बना लें।अब उसे गोल घूमाकर कर छल्ले जैसा बना कर कमल पर लगा लीजिए। जिसकी कमर में दर्द है उसे क आसन पर शर्ट उतारकर उल्टे होकर लेट जाना है। उसकी कमर पर आटे का छेल्लाअच्छे से लगा दें एवं थोड़ा सा गीला आटा लेकर ऐसा कर दे कि उसके अंदर से कोई तरल पदार्थ बाहर न जा सके। अब एक कटोरी सरसों का तेल 40 से 45 डिग्री पर गर्म कर उसे गोलाकार छल्ले में भर दें। आधे घंटे तक उसे स्थिर छोड़ दें।फिर एक कपड़े की मदद से सारा तेल अच्छे से सोंक ले। यह Ayurvedic Treatment for Back pain इस्तेमाल करने में थोड़ा मुश्किल तो है, लेकिन कमर दर्द को दूर करने का तरीका कारगर तरीका है।

2. घर पर बनाएं आयुर्वेदिक तेल (Make Homemade Ayurvedic Oil):

आयुर्वेद में कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बताएं हैं जो कमर दर्द को दूर करने में काफी लाभदायक सिद्ध होते हैं।Ayurvedic Treatment for Back pain से छुटकारा पाने के लिए यह तेल आप घर पर आसानी से बना सकते हैं। इसके लिए 100 ग्राम तिल के तेल में लहसुन, अजवाइन और अदरकबराबर मात्रा में डाल कर पका लें। अब इस तेल को छानकर कमर पर हल्के हाथों से मालिश करें और खुद फर्क देखें।

3. स्लिप डिस्क में ले भाप का सहारा (Steam support in slip disc):

कई बार हमारे कमर में स्लिप डिस्क का बहुत असहनीय दर्द हो जाता है। अक्सर ज्यादा भारी सामान उठाने या मांसपेशियों में खिंचाव के कारण ऐसा होता है। ऐसे में Ayurvedic Treatment for Back pain के माध्यम से यह दर्द कम किया जा सकता है। दर्द वाले हिस्से की पानी की भाप से अच्छे से सिकाई करें। भाप लेने का कोई साधन ना हो तो आप गर्म पानी से भी सिकाई कर सकते हैं।एक तौलिये को गर्म पानी में डालकर अच्छे से सिकाई करें। बेहतर रहेगा अगर पानी में थोड़ा सा नमक मिला ले।यहां एक बात और ध्यान रखनी है कमर दर्द में हमेशा गर्म पानी से ही नहाएं। यह आपके दर्द को कम करने में मदद करेगा।

4. बैक पैन को दूर करने का चूर्ण (Powder to Remove Back Pain):

Ayurvedic Treatment for Back pain में एक चुर्ण भी कमर दर्द से निजात पाने में मदद करता है। चूर्ण बनाने के लिए सौंठ, हल्दी और मेथी को बराबर मात्रा में लेकर उसको पीस लें। अब रोजाना दिन में दो बार एक-एक चम्मच चूर्ण का सेवन करें। कुछ दिन तक नियमित इसका सेवन करने से कमर दर्द में काफी आराम मिलेगा।

5. इमली का लेप लगाएं (Use Tamarind Lap):

250ग्राम इमली को आधा लीटर पानी में नमक डालकर पानी के आधा हो जाने तक पकाएं। अब यह एक लेप जैसा दिखने लगेगा। इस लेप को रोज़ाना रात में सोने से पहले कमर पर लगाएं। यह Ayurvedic Treatment for Back pain भी कमर दर्द से निजात पाने में मदद करता है।

चूना है काफी लाभदायक (Advantages of lime-powder):


आयुर्वेद में चुने को भी अहम महत्व दिया गया है। चुने में बहुत से स्वास्थ्यवर्धक तत्व छिपे होते है। लोग चुने के फायदे नहीं जानते इसलिए चुना खाना पसंद नहीं करते। कमर दर्द या अन्य किसी भी दर्द को Ayurvedic Treatment for Back pain से दूर करने में चुना बेहद लाभदायक सिद्ध होता है। अब सवाल आता है कि चुना भला खाएं कैसे? चुना आप दही में डालकर खा सकते है, दाल में भी इसे मिलाकर खाया जा सकता है। गन्ने के रस में चुना मिलाकर पीने से भी कमर दर्द में आराम मिलता है। लेकिन चुना केवल बेहद सीमित मात्रा में ही खाएं। चुने की तासीर गर्म होती है। रोज़ाना केवल एक गेहुं के दाने के बराबर मतलब केवल चुटकी भर चुना ही खाएं।

इन बातों का रखें ख्याल (Small Tips)


  • कमर दर्द की शिकायत करने वालों को कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।Ayurvedic Treatment for Back pain तभी कारगर है जब आप स्वयं अपना ध्यान रखेंगे।
  • जरूरत से ज्यादा भारी सामान ना उठाए। स्लिप डिस्क का मुख्य कारण मांसपेशियों में खीचांव होता है।
  • अपना पेट हमेशा साफ रखें। अगर आपको गैस, अपच, कब्ज़ या पेट में आम बनना जैसी समस्या रहती है तो आपको बैक पेन होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अपना पेट हमेशा साफ रखने की कोशिश करें।
  • हमारे बैठने के के ढंग से भी हमारी कमर पर काफी असर पड़ता है। कमरछुकाकर कभी ना बैठे। ऑफिस में या स्कूल-कॉलेज में हमेशा कमर सीधी रखकर, बिना सहारे के बैठने का प्रयास करें।
  • भोजन में ज्यादा बाय-बादी वाली चीजों का सेवन ना करें।
  • कमर दर्द में पेन किलर दवाइयों का परहेज करें। इससे कई साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।
  • ज्यादा खट्ठी या मसाले दार वस्तुओं का सेवन ना करें। 


तो दोस्तों अब आप जान गए है कि आयुर्वदिक उपचार से कितनी आसान कमर दर्द से छुटकारा मिल सकता है। यह Ayurvedic Treatment for Back pain आप अवश्य इस्तेमाल करके देखे एवं और लोगों को भी इसके बारे में बताएं। निश्चित ही इससे आपको काफी लाभ मिलेगा।

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