26.8.17

Pregnant Women Diet in Hindi | गर्भवती महिला के लिए कैसा होना चाहिए आहार

Pregnant Women Diet in Hindi


गर्भावस्था किसी भी महिला की जिंदगी में सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है, अन्य अवस्थाओं की तुलना में गर्भावस्था में विशेष खान पान व अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है। गर्भवती महिला के आहार (Pregnant Women Diet in Hindi) में अतिरिक्त कैलोरी, प्रोटीन, विटामिन, खनिज लवण आदि का समावेश होना आवश्यक है जिससे गर्भ में पल रहे शिशु का विकास समुचित रूप से हो सके, क्योंकि गर्भ में पल रहा शिशु मां के द्वारा ही पोषक तत्व प्राप्त करता है इसीलिए गर्भवती महिला के खानपान पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होती है। 

Pregnant Women Diet in Hindi


गर्भ में पल रहे शिशु का स्वास्थ्य पूरी तरह से मां के खान पान पर निर्भर करता है। अगर आहार में सभी पौष्टिक तत्वों का समावेश है तो बच्चा स्वस्थ और निरोगी होगा। गर्भधारण के समय जीवनशैली में परिवर्तन की आवश्यकता होती है।आहार में ताजे फल, हरी सब्जियां अधिक से अधिक खाने चाहिए। चलिये एक नजर डालते हैं गर्भावस्था में गर्भवती महिला को दिए जाने वाले आहार (Pregnant Women Diet in Hindi) पर।

कैलोरी (Calories)-:  गर्भावस्था में सामान्य से 300 कैलोरी अधिक लेने की आवश्यकता होती है। एक महिला को सामान्य रूप से प्रतिदिन 2200 कैलोरी की आवश्यकता होती है जो कि गर्भावस्था के दौरान बढ़कर 2500 हो जाती है। कैलोरी की मात्रा के बारे में डॉक्टर से भी परामर्श के लेनी चाहिए। गर्भ में दो शिशु होने पर और भी अधिक कैलोरी की आवश्यकता होती है, जिसमें 10% कैलोरी प्रोटीन से, 35% कैलोरी बसा से (तेल, घी आदि) तथा 55% कैलोरी कार्बोहाइड्रेट से आना आवश्यक है।

फोलिक एसिड (Folic acid)-: फोलिक एसिड गर्भ में पल रहे शिशु के मस्तिष्क विकास के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। इसीलिए फोलिक एसिड युक्त आहार का समावेश गर्भवती महिला के आहार (Pregnant Women Diet in Hindiमें अवश्य करना चाहिए ।गर्भावस्था में आयरन और फोलिक एसिड की आवश्यकता सामान्य से 50 फीसदी तक अधिक होती है, फोलिक एसिड की कमी से गर्भवती महिला एनीमिया की शिकार हो सकती है। गर्भवती महिला को फोलिक एसिड की पूर्ति के लिए शुरुआती अवस्था में ही हरी पत्तेदार सब्जियां, स्ट्रॉबेरी फल ,संतरा, मौसमी और सलाद का अधिक सेवन करना चाहिए ।फोलिक एसिड गर्भ में पल रहे शिशु के मस्तिष्क विकास के साथ-साथ रीड की हड्डी को मजबूती प्रदान करता है।

प्रोटीन (Protein)-: गर्भवती महिला को बच्चे और प्लेसेंटा के विकास के लिए प्रोटीन युक्त आहार लेना चाहिए। प्रोटीन युक्त आहार महिला के जी मिचलाने व थकान से लड़ने में मदद करता है। 90% गर्भवती महिलाओं में प्रोटीन की कमी होती है इसीलिए प्रत्येक महिला को वजन के हिसाब से प्रोटीन लेने की आवश्यकता होती है। प्रोटीन दाल, अंडा, दूध, बीन्स, सी फूड आदि से प्राप्त की जा सकती है। गर्भवती महिला के खाने में दूध का समावेश अवश्य होना चाहिए। प्रतिदिन 70 ग्राम प्रोटीन का सेवन गर्भवती महिला के आहार (Pregnant Women Diet in Hindiमें होना चाहिए।

आयरन (Iron)-: आयरन बच्चे के दिमाग के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा खून की कमी को दूर करता है। आयरन का समावेश करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल, फलियां, मेवा तथा खट्टे फलों का सेवन करना चाहिए। विटामिन सी युक्त फलों का समावेश खाने के समय व खाने के तुरंत बाद अवश्य करें। गर्भवती महिला को रोजाना लगभग 80 मिलीग्राम आयरन की जरूरत होती है।

खनिज लवण (Mineral Salts)-: गर्भवती महिला के आहार (Pregnant Women Diet in Hindi) में कैल्शियम, फास्फोरस आदि का भी समावेश होना चाहिए। कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा बच्चे के शरीर की हड्डियों को समुचित रूप से विकसित करती है। गर्भावस्था के दौरान रोजाना 12 मिलीग्राम कैल्शियम युक्त आहार का सेवन करना चाहिए। कैल्शियम अंकुरित अनाज, ब्रेड, रोटी, बादाम, संतरे, सूखे मेवे, हरी पत्तेदार सब्जियां आदि से प्राप्त किया जा सकता है। विटामिन डी भी कैल्शियम के अवशोषण में मदद के लिए महत्वपूर्ण है।

विटामिन (Vitamins)-: गर्भ में पल रहे शिशु के समुचित विकास के लिए विटामिन युक्त आहार लेना चाहिए। विटामिन बी9 जिसे फॉलेट या फोलिक एसिड के नाम से भी जाना जाता है से न्यूरल ट्यूब तथा स्पाइन कोर्ड की समस्या से छुटकारा मिलता है। न्यूरल ट्यूब  का वह हिस्सा है जिससे बच्चे की स्पाइन और मस्तिष्क का विकास होता है। विटामिन सी की कमी से गर्भवती महिला में रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। विटामिन सी इम्यून सिस्टम को शक्तिशाली बनाता है। वहींं विटामिन बी6 का सेवन करने से महिला में खून की कमी नहीं होती और विटामिन D हड्डियों के विकारों को दूर कर उन्हें मजबूत करता है इसीलिए विटामिन युक्त आहार जैसे गेहूं, पनीर, हरी पत्तेदार, सब्जियां अंडा, दालें, दूध, खट्टे फल, आंवला, टमाटर आदि का स्तेमाल आहार (Pregnant Women Diet in Hindi) में रोजाना करना चाहिए।

गर्भवती महिला को वजन की चिंता किए बिना संतुलित आहार (Pregnant Women Diet in Hindi) लेना चाहिए। गर्भावस्था में वजन बढ़ना स्वाभाविक है जिसे डिलीवरी के बाद नियमित कसरत और रखरखाव से कम किया जा सकता है। इसीलिए बच्चे के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए सभी पोषक तत्व का प्रयोग आहार में करना चाहिए। फोलिक एसिड की समुचित मात्रा अगर आहार से नहीं मिल पाती तो डॉक्टर की सलाह से फोलिक एसिड की टेबलेट ली जा सकती है। समाज में कुछ फलों को लेकर भ्रांतियां भी विद्यमान है जो गर्भवती महिला को नहीं खाने दिए जाते हैं जबकि फल खाने से गर्भवती महिला को कोई नुकसान नहीं पहुंचता।

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